Foot and Mouth Disease (FMD) Vaccine एक महत्वपूर्ण टीका है जो सूअर, गाय, भैंस, बकरी और भेड़ जैसे पशुओं को मुंह-खुर (FMD) नाम की खतरनाक वायरस बीमारी से बचाने के लिए लगाया जाता है। यह बीमारी बहुत तेजी से फैलती है और पशुओं में उत्पादन तथा स्वास्थ्य पर गंभीर असर डालती है।
बीमारी के लक्षण
FMD होने पर पशुओं में आमतौर पर ये लक्षण दिखाई देते हैं:
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तेज बुखार
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मुंह में छाले और लार गिरना
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खुर (पैर) में घाव
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लंगड़ाकर चलना
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दूध उत्पादन कम होना
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सूअर में चलने में परेशानी और कमजोरी
वैक्सीन का उपयोग
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FMD वायरस से बचाव (prevention) के लिए लगाया जाता है
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बीमारी फैलने के खतरे को कम करता है
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पशुओं की उत्पादन क्षमता और स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद करता है
सूअर (Pig) में डोज और टीकाकरण समय
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पहली खुराक: 4 महीने की उम्र के बाद
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बूस्टर: हर 6 महीने में
(कुछ क्षेत्रों में सरकारी कार्यक्रम के अनुसार साल में 2 बार लगाया जाता है)
भारत में आम कंपनियाँ
भारत में कई कंपनियाँ यह वैक्सीन बनाती हैं, जैसे:
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Indian Immunologicals Ltd. (IIL)
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Hester Biosciences
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Brilliant Bio Pharma
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Biovet
सावधानियाँ
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वैक्सीन हमेशा फ्रिज में 2–8°C तापमान पर रखें
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बीमार या कमजोर पशु को टीका न लगाएँ
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टीका हमेशा Veterinary Doctor की सलाह से लगाना चाहिए
निष्कर्ष:
FMD Vaccine पशुओं को एक बहुत ही तेजी से फैलने वाली बीमारी से बचाने का सबसे प्रभावी तरीका है। इसलिए pig farm या livestock farm में इसका नियमित टीकाकरण बहुत जरूरी माना जाता है।
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